दिसंबर 2025 में खत्म तिमाही Q3 FY26 में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट लगभग 55% बढ़कर करीब 952 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही के लगभग 612 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है। पिछली तिमाही Q2 FY26 के लगभग 654 करोड़ रुपये के मुकाबले भी मुनाफे में लगभग 45% की तिमाही-दर-तिमाही छलांग देखी गई है।
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी लगभग 10–11% सालाना बढ़त दर्ज की गई और यह करीब 2,466 करोड़ रुपये तक पहुंची, जिससे कोर बैंकिंग बिजनेस की मजबूती दिखती है। कुल आय में भी करीब 9–10% साल-दर-साल बढ़ोतरी देखने को मिली है।
एसेट क्वालिटी और NPA में सुधार
यस बैंक की ग्रॉस एनपीए (GNPA) रेशियो Q3 FY26 के अंत में घटकर 1.5% रह गई, जबकि पिछले साल और पिछली तिमाही में यह लगभग 1.6% के आसपास थी। नेट एनपीए (NNPA) रेशियो और बेहतर होकर 0.3% तक आ गई, जो एक साल पहले के 0.5% से काफी कम है।
एनपीए पर प्रावधान भी बहुत कम रहे; Q3 FY26 में गैर-कर प्रावधान लागत केवल लगभग 22 करोड़ रुपये रही, जबकि Q3 FY25 में यह करीब 259 करोड़ रुपये थी, जिससे क्रेडिट कॉस्ट लगभग नगण्य रही। इससे बैंक की बैलेंस शीट की सफाई और रिकवरी पर किए जा रहे काम का असर दिखता है।
Read more : Vodafone Idea Share Price Target 2026, 2028, 2029, 2030, 2032, 2033, 2035
मार्जिन, आय और ऑपरेशनल एफिशिएंसी
नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) Q3 FY26 में बढ़कर 2.6% हो गया, जो सालाना आधार पर लगभग 20 बेसिस पॉइंट और तिमाही आधार पर 10 बेसिस पॉइंट की बढ़त दर्शाता है। इसका मुख्य कारण जमा पर लागत घटने और एसेट री-प्राइसिंग से मिलने वाला फायदा बताया जा रहा है।
नॉन-इंटरेस्ट इनकम लगभग 8% साल-दर-साल बढ़कर करीब 1,633 करोड़ रुपये रही, जिसमें क्रेडिट कार्ड, थर्ड पार्टी प्रोडक्ट और इंश्योरेंस से मिलने वाली फीस आय ने अहम योगदान दिया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी करीब 14% तक की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार की ओर इशारा करती है।
रिटर्न रेशियो और ब्रोकरेज का 32 रुपये लक्ष्य
Q3 FY26 में बैंक का रिटर्न ऑन एसेट (RoA) बढ़कर 0.9% हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 0.6% से बेहतर है। वहीं रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 5.2% से बढ़कर 7.7% पर पहुंचा, जो लाभप्रदता में सुधार की साफ तस्वीर देता है।
इन्हीं मजबूत नतीजों के आधार पर वेंचुरा सिक्योरिटीज ने यस बैंक पर अपना “खरीदें” रेटिंग कायम रखते हुए 32 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जिसे वह FY28 के लिए लगभग 1.7 गुना प्राइस-टू-एडजस्टेड-बुक वैल्यू पर वैल्यू कर रहा है। यह लक्ष्य मौजूदा लगभग 22 रुपये के स्तर से करीब 45–47% तक संभावित अपसाइड दिखाता है, हालांकि ब्रोकरेज ने धीमी आर्थिक वृद्धि, ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी और एसेट क्वालिटी में संभावित गिरावट जैसे जोखिमों का भी जिक्र किया है।
Disclaimer
यह सामग्री केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह या खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं माना जाए। शेयर बाजार और डेरिवेटिव में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं और पूंजी हानि की संभावना हमेशा बनी रहती है; निवेश का निर्णय पूरी तरह निवेशक की अपनी जिम्मेदारी है।







1 thought on “₹22 शेयर जाएगा ₹32 के पार! Q3 का प्रदर्शन देख ब्रोकरेज सुपर बुलिश, 45% से अधिक उछल सकता है भाव…”