Power sector में 3 ट्रिलियन डॉलर निवेश का अनुमान! इन कंपनियों को होगा सीधा फायदा, शेयरों से कई गुना मिल सकता है रिटर्न…

Power sector : भारत की बिजली मांग तेज़ी से बढ़ रही है और सरकार ने उत्पादन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और स्मार्ट मीटर जैसे क्षेत्रों में लगभग 3.03 ट्रिलियन डॉलर तक निवेश की संभावना जताई है। यह निवेश लंबी अवधि में बिजली व्यवस्था को आधुनिक, डिजिटल और कम घाटे वाला बनाने के लिए देखा जा रहा है। देश की कुल विद्युत क्षमता लगभग 514 गीगावॉट के आसपास पहुंच चुकी है और हर महीने 4–5 गीगावॉट नई क्षमता जुड़ रही है, जिससे संबंधित कंपनियों के लिए ऑर्डर और कैश फ्लो दोनों बढ़ने की संभावना है।

स्मार्ट मीटर मिशन और RDSS योजना

सरकार Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) के तहत देश में पुराने मीटर हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर काम कर रही है, जिसमें 25–25.0 करोड़ से अधिक मीटर बदलने का लक्ष्य रखा गया है। RDSS के तहत लगभग 250 मिलियन प्रीपेड स्मार्ट कंज्यूमर मीटर मार्च 2026 तक लगाने का टारगेट है, जिससे डिस्कॉम की AT&C लॉस 12–15% और ACS-ARR गैप को शून्य के आसपास लाने का लक्ष्य है। जुलाई 2025 तक लगभग 34.6 मिलियन स्मार्ट मीटर इंस्टॉल हो चुके हैं और 203 मिलियन से ज्यादा मीटरों की स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे इस सेक्टर में बड़ी और लंबे समय की मांग बन गई है।

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स्मार्ट मीटर मार्केट का आकार और ग्रोथ

भारत का स्मार्ट बिजली मीटर मार्केट 2024 में लगभग 256–305 मिलियन डॉलर के आसपास था और 2032–2035 तक यह 1.1–1.7 बिलियन डॉलर से ज्यादा के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है। इसका मतलब है कि अगले 8–10 साल में इस व्यवसाय में 5–6 गुना तक मार्केट साइज बढ़ सकता है, जो संबंधित कंपनियों के राजस्व और ऑर्डर बुक के लिए बड़ा पॉजिटिव है। दिसंबर 2025 तक देश में कुल 47 मिलियन से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में इंस्टॉलेशन स्पीड और भी बढ़ने की संभावना है

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किन कंपनियों को हो रहा है सीधा फायदा

स्मार्ट मीटर और पावर इंफ्रा से जुड़े कई लिस्टेड स्टॉक्स को इस थीम से सीधा लाभ मिलता दिख रहा है। Genus Power Infrastructures के पास लगभग 27% मार्केट शेयर है और कंपनी के पास लगभग 28,758 करोड़ रुपये तक के स्मार्ट मीटर ऑर्डर हैं, साथ ही FY25 में उसने 9.44 मिलियन मीटर सप्लाई किए हैं। Techno Electric के पास करीब 1,891 करोड़ रुपये के स्मार्ट मीटर ऑर्डर, RMC Switchgears के पास लगभग 800 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक, Adani Energy Solutions में स्मार्ट मीटरिंग से रेवेन्यू में 2000% तक ग्रोथ और HPL Electric के लगभग 3,300 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक का 99% हिस्सा स्मार्ट मीटरिंग से जुड़ा है

लंबी अवधि में रिटर्न की संभावना

पावर सेक्टर में 3.03 ट्रिलियन डॉलर निवेश, स्मार्ट मीटर मिशन और बढ़ती बिजली मांग के कॉम्बिनेशन से यह थीम अगले कई साल तक चलने वाली मानी जा रही है। अगर सरकार लक्ष्यों के अनुसार 2030–2035 तक स्मार्ट ग्रिड, स्टोरेज और स्मार्ट मीटरिंग का अधिकांश काम पूरा कर लेती है, तो इन कंपनियों के राजस्व और प्रॉफिट में तेज़ वृद्धि की गुंजाइश रहती है, जिस पर मार्केट कई गुना वैल्यूएशन देने की क्षमता रखता है। हालांकि हर निवेशक को अपने स्तर पर रिसर्च, वैल्यूएशन, रिस्क और होल्डिंग पीरियड को ध्यान में रखकर ही रणनीति बनानी चाहिए

Disclaimer

यह सामग्री केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह या खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं माना जाए। शेयर बाजार और डेरिवेटिव में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं और पूंजी हानि की संभावना हमेशा बनी रहती है; निवेश का निर्णय पूरी तरह निवेशक की अपनी जिम्मेदारी है।