Jaiprakash Power Ventures Ltd : सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी ने लगभग ₹14.38 अरब (₹1,438 करोड़) की रेवेन्यू रिपोर्ट की, जो सालाना आधार पर करीब 17.28% की ग्रोथ दिखाती है, यानी टॉप लाइन में अच्छा सुधार दिख रहा है। इसी तिमाही में EBITDA लगभग ₹4.70 अरब (₹470 करोड़) के आसपास रहा, जो करीब 22% की Y/Y ग्रोथ है और ऑपरेटिंग लेवल पर मार्जिन मजबूत होते दिख रहे हैं। हालांकि नेट प्रॉफिट लगभग ₹1.82 अरब (₹182 करोड़) रहा जो सालाना आधार पर लगभग स्थिर है और नेट प्रॉफिट मार्जिन करीब 12.66% तक फिसला है, जो बताता है कि फाइनेंस कॉस्ट या दूसरे खर्चे अभी भी निचले स्तर पर प्रेशर बना रहे हैं।
बैलेंस शीट, प्रमोटर होल्डिंग और ऑर्डर बुक का संकेत
नवीनतम डेटा के हिसाब से कंपनी का P/E रेशियो करीब 5.07 के आसपास है और बुक वैल्यू प्रति शेयर लगभग ₹18.6 बताई जा रही है, यानी स्टॉक फिलहाल अपनी बुक वैल्यू के नीचे डिस्काउंट पर ट्रेड हो रहा है। प्रमोटर होल्डिंग हाल के क्वार्टरों में लगभग 24% पर स्थिर बताई जा रही है, जो यह संकेत देता है कि प्रमोटर न तो आक्रामक तरीके से हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं और न ही बेच रहे हैं; यह न्यूट्रल से हल्का पॉजिटिव संकेत माना जा सकता है। कंपनी की स्ट्रैटेजी के अनुसार मैनेजमेंट थर्मल के साथ–साथ हाइड्रो और रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स में क्षमता बढ़ाने, कर्ज घटाने और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन पर फोकस कर रहा है, जिसे लंबी अवधि में ऑर्डर बुक और कैश फ्लो के लिए पॉजिटिव माना जा सकता है।
टेक्निकल एनालिसिस और प्राइस ट्रेंड
पिछले कुछ क्वार्टर्स में JPPOWER के कीमतों में ₹12–₹27 के बीच तेज़ ऊपर–नीचे के मूव दिखे हैं, जहां हाई लेवल से स्टॉक में काफ़ी बार 10% के आसपास की करेक्शन भी दर्ज हुई है, जो हाई बीटा नेचर दर्शाती है। 5 साल के हिस्टोरिकल डेटा में यह साफ दिखता है कि जब भी स्टॉक तेज़ी में ओवरएक्सटेंड होता है तो वॉल्यूम स्पाइक के बाद प्रॉफिट बुकिंग आती है और प्राइस फिर मीडियन ज़ोन में लौट आता है, इस हिसाब से ₹12–₹15 ज़ोन एक मजबूत सपोर्ट डिमांड ज़ोन की तरह काम करता दिख रहा है। मौजूदा स्तर पर स्टॉक बुक वैल्यू से नीचे और 52–वीक हाई से काफी डिस्काउंट पर है, इसलिए टेक्निकली लॉन्ग–टर्म इन्वेस्टर्स के लिए ग्रैजुअल SIP मोड अप्रोच बेहतर मानी जा सकती है, लेकिन शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।
एक्सपर्ट व्यू और ग्रोथ आउटलुक
Jaiprakash Power Ventures कई ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA में सुधार पावर सेक्टर की डिमांड, बेहतर PLF और कॉस्ट कंट्रोल की वजह से है, लेकिन नेट मार्जिन पर इंटरेस्ट कॉस्ट और यूनिट्स के मिक्स का असर दिख रहा है, इसलिए वैल्यूएशन अभी भी कम P/E पर है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने हाल के अपडेट में कंपनी की रेटिंग को रिइनफोर्स किया है, जो कर्ज चुकाने की क्षमता और फाइनेंशियल डिसिप्लिन के लिए पॉजिटिव सिग्नल देता है, हालांकि हाई लेवरेज और सेक्टर रिस्क पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। कुल मिलाकर एनालिस्ट्स का झुकाव मिड–टर्म में “हाई रिस्क–हाई रिवॉर्ड” कैटेगरी के रूप में है, जहां रिन्यूएबल और क्षमता विस्तार की प्लानिंग सही तरीके से एक्सीक्यूट होने पर वैल्यू अनलॉक हो सकती है, लेकिन रेगुलेटरी, प्रोजेक्ट डिले और सेक्टर साइक्लिक रिस्क पर नज़र रखना जरूरी है
Jaiprakash Power Ventures Share Price Target 2026–2035
| Year | अनुमानित नीचे का स्तर (₹) | अनुमानित ऊपर का स्तर (₹) |
|---|---|---|
| 2026 | 12 | 22 |
| 2027 | 14 | 26 |
| 2028 | 16 | 30 |
| 2029 | 18 | 34 |
| 2030 | 20 | 38 |
| 2031 | 22 | 42 |
| 2032 | 24 | 46 |
| 2033 | 26 | 50 |
| 2034 | 28 | 55 |
| 2035 | 30 | 60 |
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