Hindustan copper लिमिटेड ने 5 फरवरी 2026 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग तय की है, जिसमें कंपनी अक्टूबर–दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के अनऑडिटेड नतीजों पर विचार और मंजूरी देगी। इससे पहले कंपनी ने 1 जनवरी 2026 से ट्रेडिंग विंडो बंद कर दी थी, जो नतीजे घोषित होने के 48 घंटे बाद ही खुलेगी, यह साफ संकेत है कि इसी अवधि में फाइनेंशियल रिजल्ट्स मार्केट में आएंगे। तिमाही नतीजों के वक्त अगर मुनाफा, मार्जिन और रेवेन्यू उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो शेयर प्राइस पर सीधा सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
हाल की तेज रैली और फिर भारी गिरावट
जनवरी 2026 के पहले ही हफ्तों में Hindustan copper के शेयर में जोरदार तेजी देखी गई और स्टॉक ने लगातार कई सत्रों में मिलाकर करीब 10 प्रतिशत तक की तेजी दिखाई। बाद के दिनों में शेयर ने 18–19 प्रतिशत तक की तीखी रैली दिखाते हुए 52 हफ्ते का नया हाई लगभग 635–745 रुपये के आसपास छुआ और मार्केट में जबरदस्त वॉल्यूम के साथ ट्रेड हुआ। इसी तेज उछाल के बाद अचानक 10–11 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे शॉर्ट टर्म ट्रेडरों को नुकसान, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए करेक्शन में एंट्री का मौका बनता दिखा।
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कॉपर प्राइस, ग्लोबल डिमांड और कंपनी की कैपेसिटी
लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर की कीमतें हाल में लगभग 7 प्रतिशत तक चढ़कर करीब 13,967 डॉलर प्रति टन के आसपास पहुंच गई हैं, जिससे कॉपर प्रोड्यूसर कंपनियों के मार्जिन पर सकारात्मक असर की उम्मीद बढ़ी है। 2026 की शुरुआत से ही कॉपर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स में लगभग 2–3 प्रतिशत की मजबूती देखी गई, जिससे मेटल सेक्टर में सेंटिमेंट मजबूत हुआ है। हिंदुस्तान कॉपर ने भी अगले 5–6 साल में करीब 2,000 करोड़ रुपये का कैपेक्स प्लान किया है और कंपनी अपनी माइनिंग कैपेसिटी लगभग 4 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 12–12.2 मिलियन टन तक ले जाने की तैयारी कर रही है, जो आने वाले वर्षों में प्रोडक्शन और रेवेन्यू ग्रोथ का आधार बन सकता है।
नया माइनिंग ब्लॉक और लंबी अवधि की संभावना
हाल ही में कंपनी मध्य प्रदेश के बघवारी खिर्खोरी कॉपर और एसोसिएटेड मिनरल ब्लॉक के लिए प्रीफर्ड बिडर घोषित हुई है, यह स्टेट गवर्नमेंट की ई–ऑक्शन प्रक्रिया के जरिए मिला लाइसेंस है। 22 जनवरी 2026 को हुई फॉरवर्ड ई–ऑक्शन में हिंदुस्तान कॉपर ने सबसे ऊंचा फाइनल प्राइस ऑफर देकर यह ब्लॉक हासिल किया, जो कंपनी के लिए लंबे समय तक कच्चे माल की सिक्योरिटी और रिजर्व बढ़ाने में मदद करेगा। कॉपर की बढ़ती वैश्विक मांग, ऊर्जा ट्रांजिशन, इवी और रिन्यूएबल सेक्टर की जरूरतों के बीच यह नया ब्लॉक कंपनी की वैल्यूएशन और फ्यूचर अर्निंग्स के लिए पॉजिटिव ट्रिगर माना जा रहा है, जिस वजह से गिरावट के बाद भी कई निवेशक इस स्टॉक पर निगाह बनाए हुए हैं
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