Green energy के इस शेयर पर ब्रोकरेज हाउस का नजरिया फिलहाल काफी पॉजिटिव दिख रहा है। घरेलू ब्रोकरेज सिस्टमैटिक्स ने स्टॉक पर कवरेज शुरू करते हुए इसे बाय रेटिंग दी है और करीब 67 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा बंद भाव 47.19 रुपये के मुकाबले लगभग 47–58% तक की तेजी का संकेत देता है। इसी हफ्ते एक अन्य ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल ने भी सुजलॉन के टारगेट को बढ़ाकर 74 रुपये कर दिया है, जिससे शेयर में अपसाइड पोटेंशियल और मजबूत माना जा रहा है।
ऑर्डर बुक और ग्रोथ
सुजलॉन की ऑर्डर बुक 6 जीडब्ल्यू से अधिक हो चुकी है और ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक यह 6.2–6.5 जीडब्ल्यू के आसपास पहुंच गई है, जिसमें FY26 की पहली दो तिमाहियों में ही 2 जीडब्ल्यू से ज्यादा की नई बुकिंग शामिल है। ब्रोकरेज अनुमान लगा रहे हैं कि FY25 से FY28 के बीच कंपनी के विंड टरबाइन बिजनेस में लगभग 33% की सालाना कंपाउंड ग्रोथ संभव है, जो रेवेन्यू और मार्जिन दोनों को तेज गति से बढ़ा सकती है।
शेयर प्राइस और ब्रोकरेज टारगेट
जनवरी 2026 में सुजलॉन एनर्जी का शेयर करीब 47 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है और हाल में 1–2% दबाव भी देखा गया है। घरेलू ब्रोकरेज सिस्टमैटिक्स ने स्टॉक पर कवरेज शुरू करते हुए बाय रेटिंग के साथ 67 रुपये का टारगेट दिया है, जबकि मोतीलाल ओसवाल ने 74 रुपये तक का लक्ष्य रखा है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 50–55% तक तेजी का इशारा करता है।
कर्ज में कमी
कुछ साल पहले तक भारी कर्ज में डूबी कंपनी अब बैलेंस शीट के मोर्चे पर काफी हल्की और मजबूत हो चुकी है और नेट डेट लगभग जीरो के पास लाया जा चुका है। लगातार कर्ज घटाने, कैपिटल स्ट्रक्चर सुधारने और ऑपरेशंस से मजबूत कैश फ्लो की वजह से अब कंपनी बड़े-बड़े रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स और टेंडर्स में आक्रामक तरीके से हिस्सा ले पा रही है।
रिजल्ट, मार्जिन
हाल के वित्तीय नतीजों में सुजलॉन ने रेवेन्यू में 60–80% तक की तेज ग्रोथ और EBITDA में 60% से ज्यादा उछाल दिखाया है, जबकि PAT में 200% से अधिक की जंप दर्ज हुई है। EBITDA मार्जिन FY22 के लगभग 12–13% से बढ़कर FY25–FY26 में 17% से ऊपर पहुंच चुका है और अगले कुछ सालों में 20% से ज्यादा तक जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
ग्रीन एनर्जी डिमांड
भारत ने 2030 तक रिन्यूएबल कैपेसिटी में तेज इजाफे का लक्ष्य रखा है और केवल विंड सेगमेंट में ही 120 जीडब्ल्यू से ज्यादा की क्षमता का रोडमैप तैयार किया गया है। डेटा सेंटर, कॉरपोरेट और PSU मिलकर आने वाले सालों में 20–24 जीडब्ल्यू तक नई विंड डिमांड पैदा कर सकते हैं, जिसमें घरेलू खिलाड़ी होने के नाते सुजलॉन को बड़ा फायदा मिल सकता है।
Disclaimer
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