Power Sector: सरकारी आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2025 तक भारत की कुल इंस्टॉल्ड बिजली क्षमता लगभग 509.7 गीगावॉट तक पहुंच चुकी है, जो 2014 के स्तर से दोगुने से भी ज्यादा है। इसमें 51% से ज्यादा क्षमता non-fossil sources यानी solar, wind, hydro और nuclear से आ रही है, जिससे 2030 तक 500 GW non-fossil target की दिशा में तेज प्रगति दिख रही है। 2025 में अकेले renewable sources से करीब 2.97 लाख मिलियन यूनिट बिजली पैदा हुई, जिसमें सबसे ज्यादा योगदान solar energy का रहा
5 लाख करोड़ निवेश कहां होगा इस्तेमाल
Union Power Minister के अनुसार 2032 तक आने वाला लगभग 4.5–5 लाख करोड़ रुपये का निवेश नई generation capacity, grid strengthening और बड़े level पर battery व pumped storage जैसे energy storage सिस्टम पर लगाया जाएगा। इसके अलावा 2027–2032 के बीच केवल transmission network के विस्तार और modernization पर ही करीब 4.9–5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत बताई गई है, ताकि बढ़ती demand को संभालने के लिए मजबूत national grid तैयार हो सके
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Adani, Tata के अलावा किन कंपनियों पर नज़र
Adani Power, Adani Green Energy और Tata Power जैसे बड़े नामों के साथ-साथ कई mid और large cap कंपनियां भी इस निवेश लहर से फायदा उठा सकती हैं। Equitymaster और अन्य मार्केट प्लेटफॉर्म के डेटा के अनुसार पावर सेक्टर में NTPC, Power Grid, JSW Energy, Adani Energy Solutions और Siemens Energy India जैसी कंपनियां generation, transmission और green energy प्रोजेक्ट्स में तेजी से कैपिटल expenditure बढ़ा रही हैं। अगर 2032 तक प्लान किया गया निवेश समय पर लागू होता है, power demand साल दर साल बढ़ती रहती है और कंपनियां debt व project execution को सही से मैनेज करती हैं, तो ऐसे चुनिंदा शेयरों में लंबी अवधि में मल्टीबैगर यानी कई गुना रिटर्न की संभावनाएं बन सकती हैं, हालांकि यह पूरी तरह future performance और market risk पर निर्भर रहेगा।
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