PSU : मेटल सेक्टर की सरकारी कंपनी हिंदुस्थान कॉपर लिमिटेड (Hindustan Copper Ltd-HCL) को मध्य प्रदेश में बड़ा कॉपर और एसोसिएटेड मिनरल ब्लॉक मिला है, जिसके बाद शेयर पर फिर से निवेशकों की नजरें टिक गई हैं। कंपनी को यह ब्लॉक ई-ऑक्शन प्रक्रिया के जरिए मिला है और इसमें कॉपर के साथ अन्य खनिज संसाधन भी शामिल हैं, जो आने वाले सालों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद करेंगे
मध्य प्रदेश का Baghwari-Khirkhori कॉपर ब्लॉक
HCL को मध्य प्रदेश के Baghwari-Khirkhori कॉपर और एसोसिएटेड मिनरल ब्लॉक के लिए प्रेफर्ड बिडर घोषित किया गया है। यह ब्लॉक डायरेक्टरेट ऑफ जियोलॉजी एंड माइनिंग, मध्य प्रदेश की 31 अक्टूबर 2025 की टेंडर प्रक्रिया के तहत ई-ऑक्शन के जरिए ऑफर किया गया था और 22 जनवरी 2026 को फॉरवर्ड ई-ऑक्शन सफलतापूर्वक पूरा हुआ। यह ब्लॉक कंपनी के लिए लंबी अवधि के लिए ओरे (ore) बेस मजबूत करने वाला माना जा रहा है, क्योंकि देश में EV, इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर की बढ़ती मांग के बीच कॉपर की खपत तेज़ी से बढ़ रही है।
शेयर ने 6 महीने में दिया 100% से ज्यादा रिटर्न
छह महीने की अवधि में HCL के शेयर ने निवेशकों को लगभग 108% के आसपास रिटर्न दिया है, यानी जिन निवेशकों ने इसमें समय पर निवेश किया, उनका पैसा डबल से ज्यादा हो चुका है। मेटल और माइनिंग स्पेस में कॉपर की थीम EV, रिन्यूएबल एनर्जी, चार्जिंग इंफ्रा और डेटा सेंटर जैसी कहानियों से जुड़ी होने के कारण इस स्टॉक में जबरदस्त रूचि देखी गई है। यह सरकारी पीएसयू होने की वजह से भी उन निवेशकों को आकर्षित कर रही है जो सरकार समर्थित कैपेक्स और मिनरल सुरक्षा थीम पर दांव लगाना चाहते हैं।
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कैपेक्स प्लान और प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी
HCL अपनी माइनिंग कैपेसिटी कई गुना बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है और कंपनी ने लगभग 2,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स की योजना रखी है जो अगले 5–6 साल में खर्च किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य मौजूदा लगभग 4 मिलियन टन प्रति वर्ष ओरे प्रोडक्शन को 12.2 मिलियन टन प्रति वर्ष तक ले जाना है, जिसमें सबसे बड़ा फोकस मध्य प्रदेश का Malanjkhand Copper Project (MCP) है, जहां अकेले 1,400–1,500 करोड़ रुपये तक निवेश की योजना है। इससे पहले भी कंपनी ने झारखंड और राजस्थान के कई प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी माइनिंग क्षमता बढ़ाने की रणनीति बनाई है, ताकि 2030 के बाद भी घरेलू कॉपर डिमांड को स्थिर सप्लाई मिलती रहे
वित्तीय प्रदर्शन और सेक्टर की डिमांड
वित्त वर्ष 2024-25 में HCL ने लगभग 2,071 करोड़ रुपये का सबसे ज्यादा सालाना रेवेन्यू और करीब 634 करोड़ रुपये का प्री-टैक्स प्रॉफिट दर्ज किया है, जो इसके ऑपरेशनल सुधार और बेहतर रियलाइजेशन को दिखाता है। कंपनी ने पिछले दो साल में लगभग 123 मिलियन टन से ज्यादा कॉपर ओरे रिसोर्स अपने एक्सप्लोरेशन के जरिए जोड़े हैं, जिससे भविष्य में प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए रिजर्व बेस मजबूत हुआ है। ग्लोबल स्तर पर भी कॉपर की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं और एनालिस्ट मानते हैं कि 2026 तक सप्लाई डिफिसिट की वजह से प्राइस सपोर्टिव रह सकते हैं, जिससे हिंदुस्थान कॉपर जैसी कंपनियों को फायदा मिल सकता है
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